ड बिग आइडिया !

“WOMEN – THE SUN OF THE FAMILY” 

इस समय पूरी दुनिया महामारी Covid-19 से पागल हो रही है। हर किसी की ज़िंदगी 360° घूम गयी है। कुछ भी सामान्य नही है। हर किसी को घर पर रहने और घर से ही काम करने को बोला गया है। सभी बच्चों और बड़ों के घर पर होने से इस समय सबसे ज़्यादा औरतें प्रभावित हैं। और, इसके अलावा जो महिलाएं घर और ऑफिस दोनों जगह देखती हैं वो सबसे ज़्यादा इससे प्रभावित है। उनसे ऐसी अपेक्षा रखी जाती है कि वो ऑफिस का कार्य घर से करें, सारे घरेलू कार्य भी करें और सबकी देखभाल भी करें और भी बहुत सारे कार्य उनके ज़िम्मे है। ऐसे में वो औरतें भाग्यशाली हैं जिन्हें बाकी परिवार से मदद मिल जाती है और बाकी इतनी भाग्यशाली नही हैं। कुछ तो खुशी खुशी ये सारे काम कर देती हैं और कुछ ऐसे में बहुत ज़्यादा चिड़चिड़ी हो जाती हैं। इसलिए आइये बात करते हैं कि कैसे हम औरतें जो कि अपने परिवार में सूर्य की तरह हैं, कैसे क्रांति ला सकती हैं और ऐसी परिस्थिति में परिवार में खुशियां बिखेर सकती हैं।

रोजमर्रा की ज़िंदगी में ऐसी क्रांति ले आना बहुत कठिन नही है। उदाहरण के लिए यह निर्भर करता है कि आप अपने बच्चों और पति के साथ कैसा व्यवहार करती हैं। शायद आप उनके आसपास चिड़चिड़ी रहती थीं, लेकिन अब नहीं। अब आप जब उनसे बात करती हैं तो आपके चेहरे पर एक मुस्कान रहती है। अब आप उनके प्रति ज़्यादा विचारशील हैं और आप अपने बच्चों को और उनकी परेशानियों को सुनती हैं। ये सभी आपकी मानवीय प्रकृति की अभिव्यक्तियां हैं।

खुशियां होती भी है और हम खुश रह भी सकते हैं। जैसे कि, यह हम अपने परिवार, पड़ोसियों और सहकर्मियों से अच्छे संबंध स्थापित कर के पा सकते हैं। जो कुछ भी और जो लोग भी हमें अपनी ज़िंदगी में मिले हैं हम उनके लिए हृदय से आभारी हो और खुद को भाग्यशाली समझें यही खुशियों की कुन्जी है।

हमारे माता पिता, सहभागी, भाई बहन और बच्चे ये सभी उस वातावरण का हिस्सा है जिसमें हम खुद हैं, और हम अपने कर्मबन्धन द्वारा उनसे बँधे हुए हैं। हम इस सच्चाई से बच नहीं सकते।

तो फिर हमें क्या करना चाहिये? यह बहुत ज़रूरी है कि हम अपनी ज़िंदगी को खुले दिल से स्वीकार करें। किसी भी रिश्ते में अपनी समस्याओं को दोष देने के बजाय हम खुद में एक सकारात्मक बदलाव ले आयें। उदाहरण के लिए अगर एक माँ स्वीकार करना सीख लेती है तो उसके बच्चे भी यह सोचना शुरू कर देते हैं कि उनकी माँ सबसे अच्छी माँ है और उनके व्यवहार में भी बदलाव आता है और उनका अपनी माँ के प्रति व्यवहार और स्नेहपूर्ण हो जाता है। और यही हमारे साथी के साथ रिश्ते में सत्य साबित होता है।

हमारा घर और परिवार से रिश्ता सौहार्द की तरफ़ बढेगा या और अधिक तनावपूर्ण और अप्रिय होगा यह हमारी अंदरूनी दृढ निश्चय पर निर्भर करता है।

अपने चरित्र को चमकाते हुए एक गर्मजोश हृदय, एक मज़बूत और अपराजेय भावना और समृद्धिपूर्ण ज्ञान से अपने परिवार को स्वीकार करें। अपनें परिवार में खुशियों के फूल खिलाने से आप अपनी ज़िन्दगी में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ने का एक बहुत मज़बूत ज़रिया बनायेंगी।

आइये हम इतने मज़बूत बनते हैं कि कोई भी मुसीबत हमें हरा न सके। क्रांति स्वयं को प्रतिबिंबित करनें, दृष्टिकोण बदलनें और बदलाव की तरफ पहला कदम उठाने से शुरू होती है। और यह बदलाव पहले ही Pinkathon समुदाय का एक अंग बनने के साथ ही शुरू हो चुकी है। इस बहुत ही सकारात्मक स्वास्थ्य क्रांति का एक अंग बनने के साथ ही आपने एक नए दिमाग और एक नए स्वस्थ शरीर की तरफ काम करना शुरू कर चुकी हैं। इसने आपको एक व्यक्ति के तौर पर, आपकी खुशी और आपकी मज़बूती के लिए कुछ करने का रास्ता दिखा दिया है। आप कुछ भी करो किसी भी तरह का शारिरिक कसरत ले ले, अपनी बहुत पहले भूल चुकी आदतों से शुरू करें, ऐसा कुछ भी करें जो आपको खुशी देती है लेकिन अपने लिए कुछ करें ज़रूर। आप स्त्रियों में वह शक्ति बन जायें जिसकी ओर लोग देखें। आपने इस नाटक जिसे ज़िन्दगी कहते हैं के सारे पात्र बहुत खूबसूरती से एक बेटी, बहन, पत्नी, माँ, बहू दोस्त इत्यादि के तौर पर निभाये हैं। अब आप एक खुश, आत्मविश्वास से पूर्ण और एक शक्तिशाली नारी का किरदार निभायें जो की कई सारे कार्य करते हुए भी खुद को खुश रख सकती है और एक स्वस्थ दिमाग रखती है।

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